Bihar Township Project 2026 |
Bihar Township Project 2026:-बिहार में अब जमीन माफिया की मनमानी नहीं चलेंगी क्योंकि अब बिहार की नई टर्म शिपमेंट शुरू हो चुकी है यानी कि लैंड पूलिंग मॉडल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जमीन में बदलने किसानों का पैसा और जमीन में हेरा फेरी की जो प्रक्रिया है वह बंद होने वाली है Bihar Township Project 2026 बिहार में शेरों की बढ़ती आबादी को मध्य नजर रखते हुए बिहार सरकार के तरफ से बड़ी टर्म और कंडीशन रखी गई है?

Bihar Township Project 2026 कवच शुरू हो गई है और इसमें ग्रीनफील्ड टेक्नोलॉजी फाइंडिंग होगी मगर जमीन अधिग्रहण तक तरीका लैंड पूलिंग माफिया आखिर यह मॉडल क्या है और सरकार ने उसे क्यों ऑफिस के बारे में पूरी जानकारी,,’
Bihar Township Project 2026 |
बिहार सरकार की तरफ से पटना सहित 11 शहरों के पास ग्रीन फील्ड सैटेलाइट विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दिया गया है आपको बता दे की नगर विकास विभाग ने नहीं इन क्षेत्रों की सीमाएं चौधरी तय कर रहा है जमीन की खरीद बिक्री और निर्माण पर रोक लगा दी जा रही है यह परिजन योजना लैंड पूलिंग पॉलिसी पर आधारित की जाएगी जिसमें सरकार किसानों से अभी किसी जमीन लेकर उसे विकसित करेगी
विकास के बाद 55 भेज दी तक विकसित हो सकती है जमीन वापस मालिकों को दिया जा सकता है सरकार का दावा है कि इससे लाभ मिलेगा और किसानों के जमीन का बेहतर लाभ उठा सके जिसमें मालिकों को भविष्य में बेहतर रिटर्न मिल सकती है जल्दी से डाउनलोड लिस्ट का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है सवाल यह भी है की पूरी में लोन की जिस के भरोसे किसान अपनी जमीन की सरकार सौंप सकती है।।।
बिहार की नई टाउनशिप में लैंड पूलिंग मॉडल क्या है।।
Bihar Township Project 2026 लैंड पूलिंग मॉडल एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें सरकार और जमीन मालिक एक विकास भागीदारी ले सकती है इसके रूप में काम करते हैं तो इसका मुख्य उद्देश्य है बिना किसी विवाद के आधुनिक शहरों का निर्माण करना और सरकार किसानों से विकसित भूमि लेती है विकास के बाद कुल जमीन 55 हिस्सा विकसित फ्लैट के रूप में मिल मालिकों को वापस कर दिया जाता है और 45% का उपयोग सड़क पार्क और बुनियादी सुविधाओं के लिए दिया जाता है?
सरकार का इससे क्षेत्र में बिजली पानी डेंजर और चौड़ी सड़कों का जलवा जल बिछाती है और इसे वापस मिलने वाली 55% जमीन की बाजार कीमत मूल जमीन के मुकाबले कई गुना बढ़ सकती है जिसे मलिक को भारी माफा होता है।।
लैंड पूलिंग मॉडल में जमीन के बदले पैसा मिलता है या नहीं
Bihar Township Project 2026 लैंड पूलिंग मॉडल में जमीन के पत्ते पैसा नहीं मिलता है सरकार जमीन के बदले नगद मुआवजा नहीं देती है इसके वजह एक विकास भागीदारी मॉडल और इसमें भूमि मालिक को उसकी आवश्यकता जमीन के बारे में 55% विकसित जमीन प्लाट वापस करती है सरकार तक आधुनिक सुविधाओं जैसी सड़क पार्किंग बिजली और कारण इस छोटी हिस्सेदारी की आवाज बाजार के मत बोल जमीन की तुलना में कहीं अधिक हो जाती है सीधे कैसे
बिहार के किस-किस जिले में बन रही है नई टाउन
बिहार सरकार ने कुल 11 शहरों में आधुनिक ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउन फील्ड्स बनाने का निर्णय लिया है इसमें नए शहरों को अपनी एक संस्कृति पहचान देने के लिए सरकार ने इसके लिए विशेष नाम तय किया है?
ग्रुप नंबर एवं एक मास्टर प्लान 31 मार्च 2017 27 तक आएगा जिसमें पटना पाटलिपुत्र सोनपुर और हरियाणा पुत्र के दरभंगा मिथिला सहरसा को छोड़ेगा कोसी पूर्णिया पूर्णिया मुंगेर शामिल है जबकि ग्रुप नंबर 2 का मास्टर प्लान 30 जून 2027 तक आएगी जिसमें मुजफ्फरपुर तिरहुत भागलपुर विक्रम छपरा सारण और सीतामढ़ी सीतापुरम शामिल किया गया है।
बिहार के पाटलिपुत्र टाउनशिप में जमीन कैसे खरीद सकते हैं।।
Bihar Township Project 2026 बिहार के नए 11 ग्रीन फील्ड टाउनशिप में फिलहाल जमीन खरीदने संभव नहीं है अगर विकास एवं आवास विभाग में सभी 11-चीन क्षेत्र को जमीन खरीदने बिक्री हस्ताक्षर और किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है यह रोग मास्टर प्लानिंग अधिसूचना होने से और मार्च 2027 से जो 27 के बीच है प्रभावी रहेगी जबकि सरकार इन ट्रांसिट को विकसित कर लेगी तथा जमीन खरीदना जा सकता है सरकार अपने पासरखेगी
बिहार के सभी 11 टाउनशिप के बारे में बताएं?Bihar Township Project 2026
- पटना:पाटलिपुत्र टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में 9 प्रखंडों के 274 गांव शामिल किए गए हैं। पुनपुन, फतुहा, संपतचक, पटना ग्रामीण, नौबतपुर, धनरुआ, दनियावां और मसौढ़ी प्रखंड शामिल हैं। उत्तर में नेवा-पुनपुन सड़क, दक्षिण में जैतिया/पटना प्लार्निंग एरिया, पूरब में एनएच-431 (फतुहा-दनियावां सड़क/फतुहा-इस्लामपुर रेल लाइन) और पश्चिम में नौबतपुर-मसौढ़ी सड़क होगा।
- दरभंगा:मिथिला टाउनशिप दरभंगा शहर से 3.5 किमी और रेलवे स्टेशन से 4.5 किमी दूर विकसित होगी। एयरपोर्ट से इसकी दूरी 1.5 किमी होगी। इसके उत्तर में बरही, दक्षिण में धोई, पूरब में भूसखोल, पश्चिम में सिसो होगा। इसका कोर क्षेत्रफल 1600 एकड़ और विशेष क्षेत्रफल 17400 एकड़ होगा। दरभंगा, बहादुरपुर, केवतिरानवे प्रखंड के 102 गांव इसमें शामिल होंगे।
- छपरा:सारण टाउनशिप रेलवे स्टेशन से 8 किमी की दूरी होगी। कोर क्षेत्र 550 एकड़ और विशेष क्षेत्रफल 15400 एकड़ होगा। इसकी सीमा के उत्तर में गरखा, दक्षिण में छपरा बायपास, पूरब में गरखा-चिरांद रोड, पश्चिम में छपरा-मढ़ौरा रेललाइन होगी। इसमें छपरा, गरखा, नगरा प्रखंड के 78 गांव इसमें शामिल होंगे।
- सोनपुर:हरिहरनाथपुर टाउनशिप स्टेशन से 6 किमी और प्रस्तावित एयरपोर्ट से एक किमी की दूरी पर होगी। उत्तर में परसौना-मारन रोड, दक्षिण में एनएच 31, पूरब में सोनपुर दरियारा रोड, पश्चिम में पटना परसा हाइवे होगा। कोर क्षेत्रफल 2000 एकड़ कोर विशेष क्षेत्रफल 33000 एकड़ होगा। सोनपुर, दरियापुर, परसा प्रखंड के 147 गांव टाउनशिप में शामिल होंगे।
- भागलपुर:विक्रमशिला टाउनशिप रेलवे स्टेशन से 10 किमी की दूरी पर होगी। इसका कोर क्षेत्रफल 861 और विशेष क्षेत्रफल 24000 एकड़ होगा। इसकी सीमा के उत्तर में गंगापथ, दक्षिण में पचरुखी, पूरब में चंपानाला और पश्चिम में शाहकुंड-अकबरनगर रोड शामिल होगा।
- इसमें नाथनगर, शाहकुंड, सुल्तानगंज, नारायणपुर प्रखंड के 126 गांव शामिल होंगे।
- गया:मगध टाउनशिप गया रेलवे स्टेशन से दस किमी और एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन से 12.5 किमी और एयरपोर्ट से 5 किमी दूर टाउनशिप विकसित होगी। इसका कोर क्षेत्रफल 1629 एकड़ और विशेष क्षेत्रफल 22200 एकड़ होगा। इसके उत्तर में गया शहर, दक्षिण में बोधगया, पूर्व में फल्गु नदी और पश्चिम में रसुलगंज होगा। गया टाउन, बोधगया, परैया, प्रखंड के 71 गांव इसमें शामिल होंगे।
- मुजफ्फरपुर:तिरहुत टाउनशिप शहर से 1.5 किमी की दूरी पर टाउनशिप विकसित होगी। इसका कोर क्षेत्रफल 800 एकड़ और विशेष क्षेत्रफल 20200 एकड़ होगा। इसकी सीमा के उत्तर में पानापुर (कांटी के नजदीक), दक्षिण में दुबियाही/तुर्की, पूरब में नया बायपास और पश्चिम में मड़वन शामिल होगा। कुदनी, मारवां, कांटी और मुसहरी के 68 गांव इसमें शामिल होंगे।
- सहरसा:कोसी टाउनशिप सहरसा शहर से तीन किमी दूर विकसित होगी। कोर क्षेत्रफल 1020 एकड़ और विशेष क्षेत्रफल 25200 एकड़ होगा। नगर निगम के वार्ड 39, 40 और सोलिनाबाद के अलावा सौर बाजार और कहरा प्रखंड के 34 गांव इसमें शामिल होंगे। प्रस्तावित टाउनशिप के उत्तर में सहरसा शहर, दक्षिण में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे, पूर्व में सिलेट और पश्चिम में रेललाइन होगी।
- मुंगेर:अंग टाउनशिप रेलवे स्टेशन से 12 किमी और सुल्तानगंज में प्रस्तावित एयरपोर्ट से 25 किमी की दूरी पर विकसित होगी। इसका कोर क्षेत्रफल 1016 एकड़ और विशेष क्षेत्रफल 6750 एकड़ होगा। इसकी सीमा के उत्तर में इटहरी, दक्षिण में लोहची, पूर्व में बरियारपुर और पश्चिम में जमालपुर सिटी से मिलेगी।
- सीतामढ़ी:सीतापुरम टाउनशिप रेलवे स्टेशन स्टेशन 2.5 किमी की दूरी पर होगी। इसका कोर क्षेत्रफल 532 एकड़ और विशेष क्षेत्रफल 10 हजार एकड़ होगा। सीमा के उत्तर में सीतामढ़ी-बैरगनिया लाइन, दक्षिण में नया बायपास, पूरब में लखनदेई नदी और पश्चिम में सनखान होगा। इसमें डुमरा, रीगा, परसौनी के 30 गांव शामिल होंगे।
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